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स्वयंसेवक पंजीकरण एवं प्रशिक्षण

जानकारी पृष्ठ

जनसेवा प्रहरी जागरूकता

इस पृष्ठ पर आपको जनसेवा प्रहरी के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी - इसके उद्देश्य, लाभ, 2.5K पहल, और कैसे आप इसमें योगदान दे सकते हैं।

योजना का उद्देश्य

जनसेवा प्रहरी क्या है?

जनसेवा प्रहरी जिला प्रशासन, उज्जैन की एक महत्वाकांक्षी पहल है जो दुर्घटनाओं में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का एक व्यापक नेटवर्क बनाती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य "गोल्डन ऑवर" का लाभ उठाकर जान बचाना है। दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं - इसे "गोल्डन ऑवर" कहते हैं।

मुख्य उद्देश्य:
  • दुर्घटनाओं में त्वरित प्राथमिक सहायता
  • गोल्डन ऑवर में जीवन बचाना
  • गुड सैमरिटन कानून का प्रसार
  • प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का नेटवर्क

2.5K पहल (2500 Initiative)

2500 युवाओं को प्रशिक्षित करने की महत्वाकांक्षी पहल के तहत, उज्जैन ज़िले से हजारों स्वयंसेवकों को प्राथमिक चिकित्सा, गोल्डन ऑवर, और आपातकालीन प्रतिक्रिया में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

25000 लक्ष्य 0 पंजीकृत

स्वयंसेवक बनने के लाभ

जानें कि जनसेवा प्रहरी बनने से आपको और समाज को क्या लाभ मिलेगा

कानूनी सुरक्षा

गुड सैमरिटन कानून (2016) के तहत आपकी पूरी कानूनी सुरक्षा है। मदद करने में डरने की कोई जरूरत नहीं!

आधिकारिक प्रमाण पत्र

प्रशिक्षण और परीक्षा पूर्ण करने पर QR कोड युक्त डिजिटल प्रमाण पत्र और ID कार्ड मिलेगा।

जीवन बचाएं

आपकी मदद से किसी की जान बच सकती है। यह सबसे बड़ा और संतोषजनक पुरस्कार है!

डिजिटल ID कार्ड

QR कोड युक्त डिजिटल ID कार्ड जो आपकी पहचान और योग्यता को प्रमाणित करता है।

निःशुल्क प्रशिक्षण

सभी प्रशिक्षण सामग्री पूरी तरह निःशुल्क। अपनी सुविधानुसार सीखें।

सम्मान

उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रशंसा पत्र और सम्मान। समुदाय में आपकी पहचान और सम्मान बनेगा।

गोल्डन ऑवर क्या है?

दुर्घटना के बाद का पहला 60 मिनट "गोल्डन ऑवर" कहलाता है। इस समय में सही सहायता से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।

क्या करें:
  • घायल को स्थिर करें
  • रक्तस्राव रोकें
  • सांस की नली साफ रखें
  • तुरंत 108 एम्बुलेंस बुलाएं
60 मिनट

गोल्डन ऑवर

गुड सैमरिटन कानून

2016 में भारत सरकार ने गुड सैमरिटन कानून लागू किया!

इस कानून के तहत, दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को कानूनी संरक्षण मिलता है।

मुख्य बातें:
  • डर नहीं: मदद करने पर कोई मुकदमा नहीं
  • पहचान सुरक्षित: सहायता करने वाले की पहचान गोपनीय रहेगी
  • बीमा लाभ: दुर्घटना में मदद करने पर व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा
  • अस्पताल सहयोग: अस्पताल को इलाज से इनकार नहीं कर सकते
याद रखें

मदद करना न केवल सही है, बल्कि अब कानूनी रूप से सुरक्षित भी है!

आपातकालीन हेल्पलाइन

24x7 सहायता उपलब्ध

108

एम्बुलेंस

101

दमकल

100

पुलिस

सफलता की कहानियां

रमेश कुमार, उज्जैन
सुरासा, आगर रोड, उज्जैन

"एक दुर्घटना में मैंने तुरंत प्राथमिक सहायता दी और एम्बुलेंस को बुलाया। गोल्डन ऑवर में पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया गया और उसकी जान बच गई।"

सुनीता देवी, उज्जैन
नारवर, देवास रोड उज्जैन

"सड़क पर गिरे बुजुर्ग की मदद की। गुड सैमरिटन कानून ने मुझे सुरक्षा दी। अब मैं अपने आसपास सभी को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं।"